दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए (Should not Depend on Others)
दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए (Should not Depend on Others)
एक बार एक होटल में दो यात्री आकर रुक उन्हें रात्रि के समय दोबारा अपनी मंजिल की ओर जाना शुरू करना था दिन के समय एक व्यक्ति दीपक बेचने के लिए आया।
जिसकी रोशनी से अक्सर यात्री रात्रि के समय यात्रा किया करते थे पहले यात्री ने एक बड़ा दीपक खरीद लिया परंतु दूसरे यात्री ने सोचा कि यह व्यक्ति मेरे साथ यात्रा कर रहा है मुझे दीपक लेने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि दोनों एक साथ ही यात्रा कर रहे हैं।

वह विपरीत दिशा में जाने लगा पर दूसरा यात्री हैरान हुआ और उसने ऐसा करने का कारण पूछा तब पहले यात्री ने बताया कि मेरी मंजिल इसी तरफ है और मुझे इसी तरफ जाना है तब दूसरे यात्री को एहसास हुआ कि उसने दूसरे पर निर्भर रहकर कितनी बड़ी गलती करी है।
रात का अंधेरा था वह ना ही आश्रम लौट सकता था और ना ही उस यात्री के साथ जा सकता था क्योंकि वह अपनी मंजिल से और भी ज्यादा भटक जाएगा।
इस कहानी से सीख
यह कहानी हमें यह सिखाती है कि हमें अपनी मंजिल तक जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए(Should not Depend on Others) वह मंजिल सफलता हो सकती है हर व्यक्ति की अपनी दिशा और लक्ष्य अलग-अलग होते हैं इसलिए खुद को सक्षम बनाएं और अपनी रोशनी खुद बने।
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